“जरूरी होता है “
“तुम” से पहले “ मैं ” भी जरुरी होता है,
जो वक़्त होता है बुरा वो वक़्त भी जरूरी होता है.
यहाँ रह जाते हैं कई पेट भूखे जनाब,
क्यूंकि थाली में छप्पन भोग भी जरुरी होता है.
वो दूर ना जाए इसकी कोशिशें कई बार की,
पर मोहब्बत में दूर जाने का सबक भी जरूरी होता है.
वो बचाती फिरती है अपनी अस्मत हर एक मर्द से,
ऐ गनीज मर्दों ऐसा मर्द होना भी क्या जरूरी होता है ?
हो सके तो ख़ाक कर दो तिलक और टोपी के इन धर्मों को,
एक इंसा होने के लिए बस मोहब्बत का होना ही जरूरी होता है.
हर एक पास है यहाँ कहने को बहुत कुछ,
पर कहने के लिए सुनना भी जरूरी होता है.
कौन कहता है के बचपन अब टेक्नोलॉजी का मोहताज हो गया है,
गलियों में आज भी आई - स्पाई का “धप्पा” भी जरूरी होता है.
नहीं जानना चाहता के इन लफ्ज़ों के मायने हैं भी या नहीं,
कभी कभी मायनों से ज्यादा एहसास भी जरूरी होता है.
-v.p